संस्कृत ज्ञान-धरोहर की डिजिटल उड़ान, पुस्तकालय बनेंगे शोध के नए केंद्र पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटल नेटवर्क और वैश्विक संसाधनों के एकीकरण पर जोर
Date
2026-08-13
Authors
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Publisher
राजस्थान पत्रिका
Rajasthan Patrika
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Abstract
Description
The news highlights the National Librarians’ Day celebration at Central Sanskrit University, New Delhi, focusing on the digital preservation and global dissemination of Sanskrit knowledge heritage. The programme emphasized the digitization and conservation of rare manuscripts, development of digital library networks, and integration of global Sanskrit resources. Experts discussed the role of modern technology, artificial intelligence, and digital platforms in making valuable manuscripts and scholarly resources accessible to researchers worldwide.
यह समाचार राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम पर आधारित है। इसमें संस्कृत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को डिजिटल तकनीक से संरक्षित करने, दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, पुस्तकालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने तथा वैश्विक संस्कृत संसाधनों को शोधार्थियों तक पहुँचाने पर जोर दिया गया है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने पांडुलिपियों के संरक्षण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत ज्ञान-संपदा को विश्व स्तर पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
यह समाचार राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस के अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम पर आधारित है। इसमें संस्कृत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा को डिजिटल तकनीक से संरक्षित करने, दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, पुस्तकालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने तथा वैश्विक संस्कृत संसाधनों को शोधार्थियों तक पहुँचाने पर जोर दिया गया है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने पांडुलिपियों के संरक्षण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत ज्ञान-संपदा को विश्व स्तर पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
Keywords
राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस, पुस्तकालय विज्ञान, डॉ. एस. आर. रंगनाथन, भारतीय ज्ञान परंपरा, डॉ. नवी हसन, National Librarian Day, S. R. Ranganathan, Dr. Navi Hasan
