Utkarsh Mahotsav 2025
Date
2025-06-10
Journal Title
Journal ISSN
Volume Title
Publisher
Central Sanskrit University, New delhi
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
Abstract
Description
The report highlights the grand celebration of Sanskrit Utkarṣha Mahotsav held in Nashik from 8–10 June 2025 under the guidance of Prof. Shrinivasa Varakhedi, Vice-Chancellor of the Central Sanskrit University (CSU), Delhi. It details the participation of students, saints, and scholars from across India and three central Sanskrit universities. The event featured student elections, cultural programs, scholarly discussions, and a saint conference promoting Sanskrit as a pillar of India’s cultural identity. Modern approaches to Sanskrit’s promotion and honoring of dedicated Sanskrit scholars were key highlights.
इस रिपोर्ट में 8 से 10 जून 2025 तक नासिक में आयोजित संस्कृत उत्कर्ष महोत्सव का वर्णन है, जो केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें देशभर से आए विद्यार्थियों, साधु-संतों तथा तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के विद्वानों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में छात्र प्रतिनिधि चुनाव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, विद्वत् परिचर्चाएँ तथा साधु-संत सम्मेलन जैसे आयोजन हुए। संस्कृत को भारत की सांस्कृतिक पहचान का आधार मानते हुए, इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक उपायों पर बल दिया गया तथा समर्पित संस्कृत सेवाव्रती विद्वानों को सम्मानित भी किया गया।
इस रिपोर्ट में 8 से 10 जून 2025 तक नासिक में आयोजित संस्कृत उत्कर्ष महोत्सव का वर्णन है, जो केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें देशभर से आए विद्यार्थियों, साधु-संतों तथा तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के विद्वानों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में छात्र प्रतिनिधि चुनाव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, विद्वत् परिचर्चाएँ तथा साधु-संत सम्मेलन जैसे आयोजन हुए। संस्कृत को भारत की सांस्कृतिक पहचान का आधार मानते हुए, इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक उपायों पर बल दिया गया तथा समर्पित संस्कृत सेवाव्रती विद्वानों को सम्मानित भी किया गया।