Sansad TV Special: संस्कृत में B.Tech
Date
2026-07-17
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Publisher
Sansad TV
संसद टी.वी
संसद टी.वी
Abstract
Description
This video features an exclusive interaction with Hon'ble Vice Chancellor Prof. Shrinivasa Varakhedi on the historic launch of the four-year B.Tech. programme in Artificial Intelligence (AI) and Data Science at Central Sanskrit University. This pioneering initiative marks a significant milestone, making the University one of the first Sanskrit institutions to introduce an engineering programme in emerging technologies. The discussion highlights the vision of integrating India's rich Sanskrit knowledge tradition with modern technological advancements, fostering innovation, interdisciplinary learning, and research excellence. Watch the full interview to learn how this unique programme is preparing students for the future while preserving India's scientific and intellectual heritage.
यह वीडियो में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी द्वारा चार वर्षीय बी.टेक.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस कार्यक्रम के शुभारम्भ की ऐतिहासिक पहल पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह अभिनव कार्यक्रम संस्कृत विश्वविद्यालयों में तकनीकी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बातचीत में कुलपति महोदय ने संस्कृत की वैज्ञानिक परम्परा, भारतीय ज्ञान प्रणाली तथा आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस के समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जानिए कैसे यह दूरदर्शी पहल विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए भारत की ज्ञान-समृद्ध विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का कार्य कर रही है।
यह वीडियो में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी द्वारा चार वर्षीय बी.टेक.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस कार्यक्रम के शुभारम्भ की ऐतिहासिक पहल पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह अभिनव कार्यक्रम संस्कृत विश्वविद्यालयों में तकनीकी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बातचीत में कुलपति महोदय ने संस्कृत की वैज्ञानिक परम्परा, भारतीय ज्ञान प्रणाली तथा आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा साइंस के समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। जानिए कैसे यह दूरदर्शी पहल विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए भारत की ज्ञान-समृद्ध विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का कार्य कर रही है।
