The Definition of Padārtha | Prof. Shrinivasa Varakhedi | IIT KGP | #SangamTalks
Date
2024-06-30
Authors
Journal Title
Journal ISSN
Volume Title
Publisher
Central Sanskrit University, New Delhi
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
Abstract
Description
This talk is part of the Indian Knowledge Systems initiative under the Ministry of Education at AICTE, New Delhi. Prof. Shrinivasa Varakhedi explains the ancient Indian concept of Padārtha — the fundamental categories that define reality, cognition, and language. The talk explores how Ayurveda and philosophy utilize these categories to understand the universe and the self.
यह वार्ता भारतीय ज्ञान प्रणाली के तहत शिक्षा मंत्रालय, AICTE, नई दिल्ली की पहल का हिस्सा है। प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने पदार्थ की प्राचीन भारतीय अवधारणा को समझाया है — जो वास्तविकता, संज्ञान और भाषा की मूल श्रेणियाँ हैं। यह चर्चा आयुर्वेद और दर्शन में इन वर्गीकरणों के उपयोग को समझने में मदद करती है।
यह वार्ता भारतीय ज्ञान प्रणाली के तहत शिक्षा मंत्रालय, AICTE, नई दिल्ली की पहल का हिस्सा है। प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने पदार्थ की प्राचीन भारतीय अवधारणा को समझाया है — जो वास्तविकता, संज्ञान और भाषा की मूल श्रेणियाँ हैं। यह चर्चा आयुर्वेद और दर्शन में इन वर्गीकरणों के उपयोग को समझने में मदद करती है।