Sanskrit Utsav ka Samapan Samaroh 2025
Date
2025-08-12
Journal Title
Journal ISSN
Volume Title
Publisher
Central Sanskrit University, New Delhi
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
Abstract
Description
The closing ceremony of Sanskrit Week at Central Sanskrit University was marked by awards, book releases, and scholarly addresses highlighting Sanskrit’s cultural and contemporary relevance. Eminent personalities including scientist R. N. Ayyangar were honoured, while books such as Algebra of Bhaskaracharya and Himachal Sanskriti Darpanam were released. NCERT Director Prof. Dinesh Prasad Saklani emphasized Sanskrit’s scientific dimension, its role in fostering harmony, and the need for inclusive, student-centric curricula aligned with NEP 2020. Vice-Chancellor Prof. Shrinivasa Varakhedi underscored the twin goals of shastra-raksha and shishya-raksha, announcing initiatives like the Central Sanskrit Education Board and a dedicated Sanskrit TV channel, reaffirming Sanskrit’s importance in education, research, and social development.
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह में पुरस्कार वितरण, ग्रन्थ लोकार्पण तथा विद्वत्व्याख्यानों के माध्यम से संस्कृत की सांस्कृतिक एवं समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात वैज्ञानिक आर. एन. अय्यंगार सहित अनेक विद्वानों को सम्मानित किया गया तथा अल्जेब्रा ऑफ भास्कराचार्य एवं हिमाचल संस्कृति दर्पणम् जैसे ग्रन्थों का लोकार्पण किया गया। एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने संस्कृत के वैज्ञानिक आयाम, सामाजिक समरसता में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप समावेशी, छात्र-केन्द्रित पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर बल दिया। कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने शास्त्र-रक्षा एवं शिष्य-रक्षा के महत्व को प्रतिपादित करते हुए केन्द्रीय संस्कृत शिक्षा समिति की स्थापना तथा संस्कृत टीवी चैनल प्रारम्भ करने जैसी पहल की घोषणा की, जिससे शिक्षा, शोध एवं सामाजिक विकास में संस्कृत की महत्ता पुनः प्रतिपादित हुई।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह में पुरस्कार वितरण, ग्रन्थ लोकार्पण तथा विद्वत्व्याख्यानों के माध्यम से संस्कृत की सांस्कृतिक एवं समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात वैज्ञानिक आर. एन. अय्यंगार सहित अनेक विद्वानों को सम्मानित किया गया तथा अल्जेब्रा ऑफ भास्कराचार्य एवं हिमाचल संस्कृति दर्पणम् जैसे ग्रन्थों का लोकार्पण किया गया। एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने संस्कृत के वैज्ञानिक आयाम, सामाजिक समरसता में उसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप समावेशी, छात्र-केन्द्रित पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर बल दिया। कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने शास्त्र-रक्षा एवं शिष्य-रक्षा के महत्व को प्रतिपादित करते हुए केन्द्रीय संस्कृत शिक्षा समिति की स्थापना तथा संस्कृत टीवी चैनल प्रारम्भ करने जैसी पहल की घोषणा की, जिससे शिक्षा, शोध एवं सामाजिक विकास में संस्कृत की महत्ता पुनः प्रतिपादित हुई।