In memory of Pujya Pramukh Swamiji and Pujya Vishwesha Teertha Swamiji – Inaugural Ceremony of Special Lecture Series
Date
2026-08-09
Journal Title
Journal ISSN
Volume Title
Publisher
Central Sanskrit University, New Delhi
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
Abstract
Description
This video highlights the inaugural ceremony of the Special Lecture Series organized in memory of Pujya Pramukh Swamiji and Pujya Vishwesha Teertha Swamiji. The programme reflects on their profound contributions to spirituality, education, social service, and the preservation of India’s rich knowledge traditions. Eminent speakers and scholars share their perspectives on the teachings, values, and enduring legacy of the revered spiritual leaders. The event emphasizes the relevance of their wisdom in contemporary society and inspires the younger generation to uphold the ideals of knowledge, service, ethics, and cultural heritage.
यह वीडियो पूज्य प्रमुख स्वामीजी एवं पूज्य विश्वेशतीर्थ स्वामीजी की स्मृति में आयोजित विशेष व्याख्यान श्रृंखला के उद्घाटन समारोह को प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में अध्यात्म, शिक्षा, समाज सेवा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में दोनों महान संतों के महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया गया। इस अवसर पर विद्वानों एवं वक्ताओं ने उनके जीवन, शिक्षाओं, आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उनके ज्ञान, सेवा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत की समकालीन प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला गया तथा युवा पीढ़ी को इन आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया गया।
यह वीडियो पूज्य प्रमुख स्वामीजी एवं पूज्य विश्वेशतीर्थ स्वामीजी की स्मृति में आयोजित विशेष व्याख्यान श्रृंखला के उद्घाटन समारोह को प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में अध्यात्म, शिक्षा, समाज सेवा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में दोनों महान संतों के महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया गया। इस अवसर पर विद्वानों एवं वक्ताओं ने उनके जीवन, शिक्षाओं, आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उनके ज्ञान, सेवा, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत की समकालीन प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला गया तथा युवा पीढ़ी को इन आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया गया।
